कमजोरी दूर करने का रामबाण नुस्ख़ा।

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कमजोरी

अगर आपको दिन भर सुस्ती, कमजोरी या थकान महसूस होती है तो आज हम आपको इसका रामबाण नुस्खा बताते हैं। देखिये शरीर में कमजोरी या थकान की वजह आपके शरीर की अंदर तक सफाई नहीं हो रही या फिर आपके शरीर में मिनरल्स की कमी है या फिर आपका पाचन तंत्र ख़राब है। इन सभी समस्याओं का इलाज सिर्फ एक ही है और वो आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

कमजोरी दूर करने का रामबाण नुस्ख़ा

कमजोरी

इन तीन चीजो को आपने पानी में भिगोना है –

  • चना
  • किशमिश
  • अंजीर

यह तीन चीज हैं आपने पानी में भिगो कर के रख देनी हैं रात भर के लिए इसे भीगा रहने दीजिए याद रखिएगा जरूर। खुला मत छोड़िएगा। रात भर भीगने के बाद यह सारी चीजें थोड़ी फुल जाएंगी. यह देखिए. इस तरह से आपको 8 से 10 घंटे के लिए इसे भिगो के रखना है. पानी सोंख चुकी है यह सब चीजें।

अब आपको इनका पानी अलग करना है. पानी को फेंकना नहीं है. पानी को आपने सुबह खाली पेट पीना है. यह पानी एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर है .विटामिन और मिनरल्स से भरपूर है. और यह पानी आपके शरीर को पोषण देता है जिसकी सुबह उठते ही शरीर को जरूरत होती है.

इसे पीते ही आपका आलस तुरंत दूर हो जाएगा. तो सुबह खाली पेट इस पानी को आपने पी लेना है. उसके बाद फ्रेश हो जाइए. ब्रश करने के बाद यह जो चने, अंजीर और किशमिश आपको खा लेने हैं अच्छे से चबा चबाकर खाईएगा. और अगर आप एक बार में नहीं खा सकते हैं तो आधे सुबह खाईएगा और आधे शाम को. जैसे 5:00 बजे भूख लगती है तब खाईएगा. 2 टाइम भी आप इन्हें खा सकते हैं.

इन्हें कुछ दिन खाएंगे तो आपके शरीर की सारी सुस्ती, थकान, आलस, कमजोरी दूर हो जाएगी. शरीर में एक नई एनर्जी आएगी. साथ ही साथ खून साफ होगा. और जब खून साफ होगा -खून आप की नसों में दौड़ेगा तो आप के जितने भी त्वचा संबंधी समस्याएं है – चाहे वह पिंपल्स, सुस्त त्वचा, बालों का गिरना है यह सभी दूर हो जाएंगे !

मल्टीग्रेन आटे में छिपा है सेहत का खजाना घर पर करें तैयार

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मल्टीग्रेन आटा

मल्टीग्रेन आटा यानि कई प्रकार के अनाज को पीसकर तैयार किया गया आटा। गेहूं के अलावा इसमें कई अन्य प्रकार के अनाज को मिलाया जाता है जिससे इसकी पौष्टिकता कई गुना ज्यादा हो जाती है। बाजार में ये आटा मेहंगे दामों पर मिलता है इसलिए कई लोग इसे खरीद नहीं पाते हैं शुद्ता की कोई गारन्टी भी नहीं होती।

आमतौर पर भारतीय घरों में रोटी बनाने के लिए गेहूं, बाजरा, मक्का और ज्वार जैसे अनाज का प्रयोग किया जाता है.
अधिकांश घरों में मूलत: गेहूं की सादी रोटियां ही बनाई जाती हैं, परंतु गेहूं की रोटी स्वादिष्ठ अधिक, पौष्टिक कम होती है. इसलिए गेहूं में यदि अन्य अनाज को मिला कर आटा पिसवाया जाए तो ऐसे आटे से बनी रोटी की पौष्टिकता बढ़ जाती है. इस प्रकार के आटे को मल्टीग्रेन आटा या कौंबिनेशन फ्लोर कहा जाता है. मल्टीगे्रन आटे से बनी रोटी विभिन्न प्रकार के रोगों में भी लाभदायक होती है.

लेकिन अगर आप चाहे तो मल्टीग्रेन आटे को घर पर भी तैयार कर सकते हैं, वह भी अपनी सेहत की आवश्यकता के अनुसार, आइए जानते हैं कैसे –

1. अगर आप मोटापे से परेशान है, तो इस प्रकार से अपने लिए मल्टीग्रेन आटा तैयार करें – पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, एक किलो जौ, 250 ग्राम अलसी और 50 ग्राम मेथीदाना मिलाकर पिसवाएं।

2. अगर आप दुबलापन से निजात चाहते है, तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें – पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, एक किलो जौ, 500 ग्राम सोयाबीन, एक किलो चावल का आटा डाल कर पिसवाएं। इस आटे के इस्तेमाल से आपको वजन बढ़ाने में मदद मिलेगी।

3. अगर आपको कब्ज की शिकायत रहती हो तो इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें – पांच किलो गेहूं में एक किलो चना, आधा किलो मक्का, एक किलो जौ और 250 ग्राम अलसी पिसवाएं। इससे कब्ज से मुक्ति पाने में आपको मदद मिलेगी।

4. जिन्हें डायबिटीज हैं वे इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें – पांच किलो गेहूं में डेढ़ किलो चना, 500 ग्राम जौ, 50 ग्राम मेथी, 50 ग्राम दालचीनी डालकर पिसवाएं।

5. घर में बढ़ते बच्चे हो, तो उनके लिए इस प्रकार से मल्टीग्रेन आटा तैयार करें – पांच किलो गेहूं में 250 ग्राम सोयाबीन, एक किलो चना और 500 ग्राम जौ मिलाकर पिसवाएं। इससे बच्चों की अच्छी ग्रोथ होगी।

अंजीर खाने के 25 फ़ायदे हिंदी में – Anjeer Ke Fayede Hindi Me

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anjeer ke fayede

अंजीर खाने के 25 फ़ायदे हिंदी में – Anjeer Ke Fayede Hindi Me

अंजीर (Common Fig) एक ऐसा फल है जो जितना मीठा है. उतना ही लाभदायक भी है.अंजीर के सूखे फल बहुत गुणकारी होते हैं. अंजीर खाने से कब्ज दूर हो जाती है. गैस और एसीडिटी से भी राहत मिलती है. साधारण कब्ज में गरम दूध में सूखे अंजीर उबाल कर सेवन से सुबह दस्त साफ होता है. इससे कफ बाहर आ जाता है. सूखे अंजीर को उबाल कर बारीक पीस कर गले की सुजन या गांठ पर बांधी जाए तो लाभ पहुंचता है. ताजे अंजीर खा कर साथ दूध का सेवन करना शक्तिवर्धक होता है. डायबिटीज के रोगी को अंजीर से लाभ पहुंचता है.

कब्ज: 3 से 4 पके अंजीर दूध में उबालकर रात्रि में सोने से पूर्व खाएं और ऊपर से उसी दूध का सेवन करें. इससे कब्ज और बवासीर में लाभ होता है.
माजून अंजीर 10 ग्राम को सोने से पहले लेने से कब्ज़ में लाभ होता है.
अंजीर 5 से 6 पीस को 250 मिलीलीटर पानी में उबाल लें, पानी को छानकर पीने से कब्ज (कोष्ठबद्धता) में राहत मिलती है.
2अंजीर को रात को पानी में भिगोकर सुबह चबाकर खाकर ऊपर से पानी पीने पेट साफ हो जाता है.
अंजीर के 4 दाने रात को सोते समय पानी में डालकर रख दें. सुबह उन दानों को थोड़ा सा मसलकर जल पीने से अस्थमा में बहुत लाभ मिलता है तथा इससे कब्ज भी नष्ट हो जाती है.

दमा: दमा जिसमें कफ (बलगम) निकलता हो उसमें अंजीर खाना लाभकारी है. इससे कफ बाहर आ जाता है तथा रोगी को शीघ्र ही आराम भी मिलता है.
प्रतिदिन थोड़े-थोड़े अंजीर खाने से पुरानी कब्जियत में मल साफ और नियमित आता है. 2 से 4 सूखे अंजीर सुबह-शाम दूध में गर्म करके खाने से कफ की मात्रा घटती है, शरीर में नई शक्ति आती है और दमा (अस्थमा) रोग मिटता है.”

प्यास की अधिकता: बार-बार प्यास लगने पर अंजीर का सेवन करें.

मुंह के छाले: अंजीर का रस मुंह के छालों पर लगाने से आराम मिलता है.

प्रदर रोग: अंजीर का रस 2 चम्मच शहद के साथ प्रतिदिन सेवन करने से दोनों प्रकार के प्रदर रोग नष्ट हो जाते हैं.

दांतों का दर्द: अंजीर का दूध रुई में भिगोकर दुखते दांत पर रखकर दबाएं.
अंजीर के पौधे से दूध निकालकर उस दूध में रुई भिगोकर सड़ने वाले दांतों के नीचे रखने से दांतों के कीड़े नष्ट होते हैं तथा दांतों का दर्द मिट जाता है.”

पेशाब का अधिक आना: 3-4 अंजीर खाकर, 10 ग्राम काले तिल चबाने से यह कष्ट दूर होता है.

त्वचा के विभिन्न रोग: कच्चे अंजीर का दूध समस्त त्वचा सम्बंधी रोगों में लगाना लाभदायक होता है.
अंजीर का दूध लगाने से दिनाय (खुजली युक्त फुंसी) और दाद मिट जाते हैं. बादाम और छुहारे के साथ अंजीर को खाने से दाद, दिनाय (खुजली युक्त फुंसी) और चमड़ी के सारे रोग ठीक हो जाते है.”

दुर्बलता (कमजोरी): पके अंजीर को बराबर की मात्रा में सौंफ के साथ चबा-चबाकर सेवन करें. इसका सेवन 40 दिनों तक नियमित करने से शारीरिक दुर्बलता दूर हो जाती है.
अंजीर को दूध में उबालकर-उबाला हुआ अंजीर खाकर वही दूध पीने से शक्ति में वृद्धि होती है तथा खून भी बढ़ता है.”

रक्तवृद्धि और शुद्धि हेतु: 10 मुनक्के और 5 अंजीर 200 मिलीलीटर दूध में उबालकर खा लें. फिर ऊपर से उसी दूध का सेवन करें. इससे रक्तविकार दूर हो जाता है.

पेचिश और दस्त: अंजीर का काढ़ा 3 बार पिलाएं.

ताकत को बढ़ाने वाला: सूखे अंजीर के टुकड़े और छिली हुई बादाम गर्म पानी में उबालें. इसे सुखाकर इसमें दानेदार शक्कर, पिसी इलायची, केसर, चिरौंजी, पिस्ता और बादाम बराबर मात्रा में मिलाकर 8दिन तक गाय के घी में पड़ा रहने दें. बाद में रोजाना सुबह 20 ग्राम तक सेवन करें. छोटे बालकों की शक्तिक्षीण के लिए यह औषधि बड़ी हितकारी है.

जीभ की सूजन: सूखे अंजीर का काढ़ा बनाकर उसका लेप करने से गले और जीभ की सूजन पर लाभ होता है.

पुल्टिश : ताजे अंजीर कूटकर, फोड़े आदि पर बांधने से शीघ्र आराम होता है.

दस्त साफ लाने के लिए : दो सूखे अंजीर सोने से पहले खाकर ऊपर से पानी पीना चाहिए. इससे सुबह साफ दस्त होता है.

क्षय यानी टी.बी के रोग : इस रोग में अंजीर खाना चाहिए. अंजीर से शरीर में खून बढ़ता है. अंजीर की जड़ और डालियों की छाल का उपयोग औषधि के रूप में होता है. खाने के लिए 2 से 4 अंजीर का प्रयोग कर सकते हैं.

फोड़े-फुंसी : अंजीर की पुल्टिस बनाकर फोड़ों पर बांधने से यह फोड़ों को पकाती है.

गिल्टी : अंजीर को चटनी की तरह पीसकर गर्म करके पुल्टिस बनाएं. 2-2 घंटे के अन्तराल से इस प्रकार नई पुल्टिश बनाकर बांधने से `बद´ की वेदना भी शांत होती है एवं गिल्टी जल्दी पक जाती है.

सफेद कुष्ठ (सफेद दाग) : अंजीर के पेड़ की छाल को पानी के साथ पीस लें, फिर उसमें 4 गुना घी डालकर गर्म करें. इसे हरताल की भस्म के साथ सेवन करने से श्वेत कुष्ठ मिटता है
अंजीर के कच्चे फलों से दूध निकालकर सफेद दागों पर लगातार 4 महीने तक लगाने से यह दाग मिट जाते हैं.
अंजीर के पत्तों का रस श्वेत कुष्ठ (सफेद दाग) पर सुबह और शाम को लगाने से लाभ होता है.
अंजीर को घिसकर नींबू के रस में मिलाकर सफेद दाग पर लगाने से लाभ होता है.”

गले के भीतर की सूजन : सूखे अंजीर को पानी में उबालकर लेप करने से गले के भीतर की सूजन मिटती है.

श्वासरोग : अंजीर और गोरख इमली (जंगल जलेबी) 5-5 ग्राम एकत्रकर प्रतिदिन सुबह को सेवन करने से हृदयावरोध (दिल की धड़कन का अवरोध) तथा श्वासरोग का कष्ट दूर होता है.

शरीर की गर्मी : पका हुआ अंजीर लेकर, छीलकर उसके आमने-सामने दो चीरे लगाएं. इन चीरों में शक्कर भरकर रात को ओस में रख दें. इस प्रकार के अंजीर को 15 दिनों तक रोज सुबह खाने से शरीर की गर्मी निकल जाती है और रक्तवृद्धि होती है.

जुकाम : पानी में 5 अंजीर को डालकर उबाल लें और इसे छानकर इस पानी को गर्म-गर्म सुबह और शाम को पीने से जुकाम में लाभ होता है.

फेफड़ों के रोग : फेफड़ों के रोगों में पांच अंजीर एक गिलास पानी में उबालकर छानकर सुबह-शाम पीना चाहिए.

मसूढ़ों से खून का आना : अंजीर को पानी में उबालकर इस पानी से रोजाना दो बार कुल्ला करें. इससे मसूढ़ों से आने वाला खून बंद हो जाता है तथा मुंह से दुर्गन्ध आना बंद हो जाती है.

तिल्ली (प्लीहा) के रोग में : अंजीर 20 ग्राम को सिरके में डुबोकर सुबह और शाम रोजाना खाने से तिल्ली ठीक हो जाती है.

खांसी : अंजीर का सेवन करने से सूखी खांसी दूर हो जाती है. अंजीर पुरानी खांसी वाले रोगी को लाभ पहुंचाता है क्योंकि यह बलगम को पतला करके बाहर निकालता रहता है.
2 अंजीर के फलों को पुदीने के साथ खाने से सीने पर जमा हुआ कफ धीरे-धीरे निकल जाएगा.

करेले के 20 फ़ायदे हिंदी में | Karele Ke Labh Hindi Me

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karele ke labh hindi me

Karele Ke Labh Hindi Me | करेले के 20 फ़ायदे हिंदी में

करेला शुगर मरीज़ के लिए एक वरदान है। अगर आपको शुगर है तो करेले से आपको एक गहरा सम्बन्ध बनाना पड़ेगा क्यों की यही एक चीज़ है जिसमे वो क्षमता है जो शुगर को सामान्य कर सकती है। करेले का प्रयोग हम विभिन्न तरीके से कर सकते है जो हम इस टॉपिक में आपको बताने जा रहे है।

1. करेले की सब्जी – आपके खाने में रोज एक सब्जी होनी चाहिए वो है करेले की सब्जी। करेले की सब्जी शुगर मरीज़ को बहुत लाभदायक है। कुछ लोग करेले की सब्जी बनाते समय करेले को बिलकुल भून लेते है पर ऐसा नहीं करना चाहिए, करेले को बिलकुल भून लेने पर उसमे मौजूद कड़वापन बिलकुल समाप्त हो जाता है जिसके बाद करेले की सब्जी खाने का कोई लाभ नहीं वो सिर्फ स्वाद के लिए खाई जा रही है। करेले में मौजूद कड़वापन ही तो वह कारण है जो शुगर को सामान्य करता है। तो अब अगर आप शुगर सामान्य करने की लिए करेले की सब्जी बनाना चाहते है तो ये बात जरूर याद रहे।

2. करेले का जूस – रोज सुबह टहलने के बाद करेले का जूस आपकी सेहत के लिए बहुत लाभदायक है स्पेशली शुगर मरीज़ के लिए। अपनी रोज की दिनचर्या में करेले का जूस तब तक पिए जब तक की शुगर कंट्रोल में न आ जाये। करेले के जूस से आप शुगर को कंट्रोल कर सकते है।

3. करेले का चूर्ण – करेले को सुखाकर उसका चूर्ण बनाकर खाली पेट लेने से आप शुगर कंट्रोल कर सकते है। करेले का चूर्ण भी शुगर को बहुत तेज़ी से काम करता है

अचूक विधि – करेले को कूट कर या मिक्सी में पीस करे उसका जूस निकालकर उसे एक बड़े बर्तन में रखे और मरीज़ के दोनों पैर उस में डालने को कहे और मरीज़ द्वारा पैरों को लगभग १५ – २० मिनट तक चलाना चाहिए या जब तक मरीज के जीभ में कड़वापन न आजाये। जब मरीज के जीभ में कड़वापन आजाए तो पैर हटा लेने चाहिए और ये क्रम २० दिन से १.५ महीने तक करना चाहिए इसके आश्चर्यजनक परिणाम मिलेंगे।

करेले के अन्य फ़ायदे हिंदी में

1 करेले में फास्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। यह कफ, कब्ज और पाचन संबंधी समस्याओं को दूर करता है। इसके सेवन से भोजन का पाचन ठीक तरह से होता है, और भूख भी खुलकर लगती है।

2 अस्थमा की शि‍कायत होने पर करेला बेहद फायदेमंद होता है। दमा रोग में करेले की बगैर मसाले सब्जी खाने से लाभ मिलता है।

3 पेट में गैस बनने और अपच होने पर करेले के रस का सेवन करना अच्छा होता है, जिससे लंबे समय के लिए यह बीमारी दूर हो जाती है।

4 करेले का जूस पीने से लीवर मजबूत होता है और लीवर की सभी समस्याएं खत्म हो जाती है। प्रतिदिन इसके सेवन से एक सप्ताह में परिणाम प्राप्त होने लगते हैं। इससे पीलिया में भी लाभ मिलता है।

5 करेले की पत्त‍ियों या फल को पानी में उबालकर इसका सेवन करने से, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है, और किसी भी प्रकार का संक्रमण ठीक हो जाता है।

6 उल्टी-दस्त या हैजा हो जाने पर करेले के रस में काला नमक मिलाकर पीने से तुरंत आराम मिलता है। जलोदर की समस्या होने पर भी दो चम्मच करेले का रस पनी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

7 लकवा या पैरालिसिस में भी करेला बहुत कारगर उपाय है। इसमें कच्चा करेला खाने से रोगी के लिए लाभदायक होता है।

8 खून साफ करने के लिए भी करेला अमृत के समान है। मधुमेह में यह बेहद असरकारक माना जाता है। मधुमेह में एक चौथाई कप करेले का रस, उतने ही गाजर के रस के साथ पीने पर लाभ मिलता है।

9 खूनी बवासीर में करेला अत्यंत लाभदायक है। एक चम्मच करेले के रस में आधा चम्मच शक्कर लिाकर पीने से इसमें आराम होता है।

10 गठिया व हाथ पैरों में जलन होने पर करेले के रस की मालिश करना लाभप्रद होता है।

चारकोल मास्क के फायदे और इस्तेमाल करने की विधि

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चारकोल मास्क

ट्रेंडी ब्यूटी प्रोडक्ट्स में चारकोल के बारे में अभी कम ही महिलाएं जानती हैं. यह एक ऐसा ब्यूटी प्रोडक्ट है, जो देता है बैक्टीरिया फ्री स्किन और निखरी त्वचा साथ-साथ. कुछ जानकारी इसी प्रोडक्ट के बारे में आइए जानते हैं.

इन दिनों मार्केट में चारकोल मास्क काफी तेजी से बिक रहा है, लेकिन इसे वही लोग खरीद रहे हैं, जिन्हें चारकोल मास्क लगाने से होने वाले फायदों की जानकारी है. बहुत से लोग ऐसे भी हैं, जिन्हें ऐसा लगता है कि चारकोल मास्क लगाना उनकी स्किन के लिए हानिकारक हो सकता है. ऐसे में हम आपको बताने जा रहे हैं कि असल में चारकोल मास्क कितना फायदेमंद होता है. पहले जान लीजिए कि आखिर चारकोल मास्क होता क्या है?

चारकोल एक ऐसा पदार्थ है, जिसे इस तरह से गर्म किया जाता है कि इसमें बहुत सारे छोटे थान या पोर विकसित हो जाते हैं, जिसमें रसायनों को भरा जाता है. यह बहुत अधिक तापमान पर नारियल के खोल जैसे कार्बोनेसियस पदार्थों के छोटे कणों द्वारा निर्मित होता हैं यह त्वचा के भीतर तक गहराई से हानिकारक पदार्थों, विषाक्त पदार्थों और अशुद्धियों को बाहर निकलता है.

मुहासे करें दूर

ऑयली स्किन और चेहरे पर गंदगी जमने के कारण मुंहासे निकलने लगते हैं. ऐसी स्थिति में चारकोल फेस मास्क त्वचा को एक्सफोलिएट करने का काम करता है. यह त्वचा के अंदर से तेल और विषाक्त पदार्थ हो सोख लेता है. इसके कारण मुहासे पूरी तरह से ठीक हो जाते हैं और किसी तरह का दाग धब्बा भी नहीं पड़ता है.

खुले पोर्स

घर से बाहर निकलते ही किसी ने किसी प्रकार से चेहरे पर गंदगी जमने लगती है. प्रदूषित वातावरण के कारण त्वचा के रोम छिद्र बंद होने लगते हैं. इसकी वजह से त्वचा मृत पड़ने लगती है. इससे छुटकारा पाने के लिए चारकोल फेस मास्क एक बेहतरीन उपाय है. यह रोम छिद्रों से गंदगी को निकालता है और बड़े रोम छिद्रों को छोटा करता है, जिसके कारण चेहरा साफ दिखाई देता है.

स्किन को बनाए ऑयल फ्री

गर्मियों के दिनों में ज्यादातर लोगों की त्वचा तैलीय हो जाती है, जिसके कारण चेहरे की सुंदरता मलिन हो जाती है. इस स्थिति में चारकोल फेस पैक लगाना बेहद फायदेमंद होता है. यह त्वचा से अनचाहे अतिरिक्त तेल को खींच लेता है और त्वचा को कोमल एवं चिकना बनाता है. ऑइली स्किन वाले लोगों को हफ्ते में दो बार चारकोल फेस पैक लगाना चाहिए.

हटाए ब्लैकहेड्स

महिलाओं में ब्लैकहेड्स होना एक आम समस्या है. यह देखने में काफी खराब लगता है, जिसके कारण चेहरे का आकर्षण फीका पड़ जाता है. चारकोल फेस मास्क लगाने से ब्लैकहेड्स प्राकृतिक रूप से बाहर निकल आता है और हफ्ते में एक बार चारकोल फेस मास्क लगाने से दोबारा ब्लैकेड नहीं होते हैं.

अंडर आर्म्स करे सफेद

चारकोल डार्क अंडरआर्म्स को सफेद करने का एक लोकप्रिय उपाय है. यह बांह के नीचे के हिस्से को एक्सफोलिएट करता है. अशुद्धियों, इंप्योरिटीज को बाहर निकालता है और गहरी मृत त्वचा को पूरी तरह हटा देता है. यहां तक कि अंडरआर्म्स की गंध को भी बेअसर करता है. चारकोल पाउडर में दो चम्मच शहद और एक चम्मच नींबू मिलाकर लगाने से काले अंडरआर्म्स सफेद हो जाते हैं.

  1. सबसे पहले एक उच्च गुणवत्ता का चारकोल मास्क खरीदें या संभव हो तो घर पर बनाएं.
  2. इसके बाद अपने हाथ की त्वचा पर लगा कर देखें, कि कहीं रिएक्शन तो नहीं कर रहा है.
  3. इसके बाद अपने बालों को समेटकर जुड़ा बना ले या रबड़ बैंड लगा ले.
  4. अब अपने चेहरे को साफ और एक्सफोलिएट करें.
  5. आप इसके लिए क्लींजर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं, ताकि चेहरे की पूरी गंदगी साफ हो जाए.
  6. इसके बाद ब्रश की सहायता से चारकोल मास्क के पेस्ट को पूरे चेहरे पर फैलाएं.
  7. यह ध्यान रखें, कि आपकी आंखों और होठों पर चारकोल मास्क ना लगने पाये.
  8. 7 से 10 मिनट तक मास्क को सूखने दें और फिर इसे चेहरे से धीरे-धीरे छुड़ाएं (peel off).
  9. इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें और तौलिए से पोछकर कोई अच्छा सा मॉइस्चरीज़र लगा ले.

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हेल्दी शाइनी स्किन केयर टिप्स हिंदी में – Skin Care Tips in Hindi

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Skin Care Tips in Hindi

हेल्दी शाइनी स्किन पाना इतना भी मुश्किल काम नहीं है. जरूरत है सिर्फ थोड़ी सी रेगुलर केयर कि उसके आसान तरीके बता रहे हैं हम यहां आपको…  

मौसम कोई भी हो उसका असर त्वचा पर अलग-अलग रूपों में पड़ता ही है. इसके अलावा भी कई ऐसे कारण होते हैं जिसकी वजह से त्वचा में समस्याएं उत्पन्न हो जाती हैं. ऐसे में इनका बचाव करना बहुत जरूरी होता है, ताकि त्वचा को ज्यादा नुकसान ना पहुंचे और समय रहते प्रॉब्लम को दूर किया जा सके.

आइए जानें, तो त्वचापर होने वाले समस्याओं और उनके समाधान…  

स्किन केयर

  1. चेहरे की चमक कम हो जाने पर दही के साथ मक्की का आटा डालकर स्क्रब की तरह इस्तेमाल करें इसके बाद बादाम का तेल लगाएं.
  2. फेस काला पड़ जाए तो मुल्तानी मिट्टी में थोड़ा सा मिलक पाउडर और एक चम्मच सिरका मिलाकर पैक बनाकर लगाएं.
  3. कभी-कभी नाक पर झाइयाँ  हो जाती हैं. इसके लिए जायफल को घिस कर पेस्ट बनाकर नाक पर लगाएं.
  4. गुलाबजल, नींबू, दही और खीरे को एक साथ मिक्स करके चेहरे पर लगाएं इससे त्वचा में भी चमक आएगी.
  5. हल्दी में थोड़ी सी ताजी मलाई, दूध तथा आटा मिलाकर उबटन बना लें. इस उबटन को अपने चेहरे पर करीब 15 मिनट तक लगाएं और फिर चेहरे को ठंडे पानी से धो लें. चेहरा एकदम से चमकने लगेगा.
  6. रात को सोने से पहले 10 से 15 बादाम भिगोकर रख दीजिए. सुबह इन्हेंछीलें. इसमें एक चम्मच शहद मिलाकर इस पेस्ट को अपने चेहरे पर लगाकर स्क्रब  करें. ऐसा करने से चेहरे की सुंदरता बढ़ जाएगी.
  7. एक चम्मच नींबू के रस और एक चम्मच टमाटर के रस में थोड़ा-सा चन्दन पाउडर मिलाकर इस मिश्रण को चेहरे और गर्दन पर लगाएं. 15 मिनट बाद चेहरा और गर्दन धो लें. इससे एकदम से रंग भी साफ दिखने लगेगा और त्वचा भी कोमल हो जाएगी.
  8. आप चाहे तो चेहरे की स्क्रबिंग भी कर सकते हैं. इसके लिए टमाटर का टुकड़ा लेकर चेहरे पर हल्के हाथों से मसाज करें. इससे चेहरे की सारी गंदगी साफ हो जाएगी. त्वचा को निखारने के लिए यह स्क्रब काफी अच्छा है.
  9. डाक सर्कल से बचने के लिए आंखों के नीचे बादाम के तेल में शहद मिलाकर लगाएं और हल्के हाथों से मलें. फिर धोलें.
  10. फेस की क्लींजिंग करने के लिए चावल के आटे में दही मिलाकर पेस्ट बनाएं और इसे चेहरे व गर्दन पर अच्छी तरह से मलें. इसके बाद चेहरा धो लें.

त्वचा की समस्याओं से बचने के लिए क्या करें और क्या ना करें

क्या ना करें-
  1. धूम्रपान ना करें. इससे त्वचा पर झुर्रियां आने लगती हैं और कई समस्याएं हो जाती हैं.
  2. ठोस साबुन और डिटर्जेंट से त्वचा का तेल बाहर निकल जाता है. इसलिए उनका प्रयोग ना करें.
  3. नहाने के बाद त्वचा को तौलिये  से बहुत तेज़ी सेना रगड़ें. इससे त्वचा पर रैशेज हो जाते हैं और त्वचा लाल पड़ जाती है.
  4. तनाव त्वचा का दुश्मन है. अगर आप तनाव में है, तो इसका सीधा असर त्वचा पर पड़ता है. इसलिए तनाव से दूर रहें.
क्या करें-
  1. दिन में दो बार किसी ना किसी चीज से जो भी आपको सूट करे, त्वचाकी क्लींजिंग करें.
  2. हरी पत्तेदार सब्जियों और फलों का सेवन करने से त्वचा संबंधी सभी समस्याएं दूर होती हैं और त्वचा स्वस्थ रहती है.
  3. धूप में घर से बाहर निकलने से पहले सनस्क्रीन लोशन का प्रयोग जरूर करें.
  4. घरेलू फेस पैक के इस्तेमाल से भी आप त्वचा को साफ कर सकते हैं और उसमें ग्लो भीला सकती हैं.
  5. अच्छी कंपनी के ही मेकअप प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करें.
  6. रात को सोने से पहले मेकअप को अवश्य क्लीन करें और चेहरे को साफ करके ही सोए.

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जानें! ऐश के ब्यूटी सीक्रेट्स कैसे वो इतनी खूबसूरत दिखती हैं? Aishwarya Rai Beauty Secre

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दुनिया की सबसे खूबसूरत महिलाओं में से एक ऐश्वर्या राय की खूबसूरती का हर कोई कायल है. हर कोई जानना चाहता है कि इनकी इस खूबसूरती को बरकरार रखने के लिए आखिर वह क्या करती हैं? कैसे वह हमेशा नैचुरली इतनी खूबसूरत लगती हैं, तो यहां जाने ऐश्वर्या की सुंदरता का राज, खूबसूरती मेंटेन करने के लिए ऐश्वर्या करती है यह काम, जाने ब्यूटी सीक्रेट्स……..

बेसन और हल्दी का उबटन

ऐश्वर्या राय स्किन केयर के लिए घरेलू उपायों का इस्तेमाल करती हैं. वह ग्लोइंग स्किन के लिए बेसन दूध और हल्दी पाउडर को मिक्स कर होममेड उबटन बनाती हैं  और इसी को चेहरे पर लगाकर अपनी खूबसूरती को बरकरार रखती हैं.  इसके अलावा अपनी स्क्रीन को नैचुरली मॉइश्चराइजर रखने के लिए वह दही का भी इस्तेमाल करती हैं. तो वही फेस मास्क के तौर पर वह खीरे के जूस को यूज़ करती हैं.  

पानी

ऐश्वर्या के चेहरे पर हमेशा ही आपको एक ग्लो नजर आता होगा, तो आखिर निरंतर रहने वाले ग्लो का सिगरेट क्या है, तो इसका जवाब है पानी. जी हाँ,  ऐश्वर्या अपनी जवां और दमकती स्किन के लिए खुद को हाइड्रेट रखती हैं. और दिन भर में जहां तक संभव हो ढेर सारा पानी पीती हैं. पानी शरीर में मौजूद टॉक्सिंस को बाहर निकालने में मदद करता है और इसका सीधा असर आपकी स्किन और फेस पर दिखने लगता है.  

हेल्दी डाइट

ऐश्वर्या राय स्किन को खूबसूरत और जवान बनाए रखने के लिए वह हेल्दी और बैलेंस डाइट का सेवन करती हैं. ऐश ज्यादातर वक्त तली – भुनी चीजों से दूर रहती हैं और बॉयल्ड फूड ही खाती है. दिन में तीन बार भर – भर कर खाना खाने की बजाय वह कई बार छोटी – छोटी मिल खाने में ही यकीन रखती हैं.

लाइट मेकअप

ऐश्वर्या के चेहरे पर हर वक्त दिखने वाले पिंक ग्लो का सीक्रेट भले ही उनकी हेल्दी स्किन हो, लेकिन ऐश्वर्या बेहद लाइट पिंक मेकअप यूज़ करती हैं. उन्हें पिंक और बीच के शेड्स बेहद पसंद है, जो उनके चेहरे पर मौजूद हेल्दी लुक को कॉम्पलिमेंट करता है.  

योगा

ऐश्वर्या राय जिम को ज्यादा प्राथमिकता नहीं देती हैं और बॉलीवुड हीरोइनों की तरह आप उन्हें जिम के बाहर नहीं दिखेंगी. वह खुद को फिट रखने के लिए वॉक और पावर योगा पर भरोसा करती हैं. वैसे भी थोड़ी एक्सरसाइज और हेल्दी डाइट से कोई भी हेल्दी और ग्लोइंग स्किन पा सकता है.  

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वजन घटाने के टिप्स हिंदी में – Weight Loss Tips in Hindi

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weight loss tips

मोटापे से परेशान लोग कुछ भी खाने से डरते हैं. ऐसे में नेगेटिव कैलोरी फूड्स इनकी मुश्किल को काफी हद तक कम कर सकते हैं. नेगेटिव कैलोरी फूड्स, खाद्य पदार्थ हैं, जिनमें कैलोरी की मात्रा बहुत कम होती है. इन्हें खाने से शरीर में जमा फैट तेजी से कम होने लगता है.

अगर आप वजन कम करने के लिए स्ट्रगल कर रहे हैं तो एक्सरसाइज के साथ-साथ खाने में नेगेटिव कैलोरी फूड्स को शामिल कीजिए. लेकिन एक बात दिमाग में जरूर रखें कि केवल इन खाद्य पदार्थों की मदद से वजन कम नहीं हो सकता इसके साथ-साथ एक्सरसाइज करना बहुत जरूरी है.

सेब – सेब में भरपूर मात्रा में फाइबर होता है और इसमें कैलोरीज बहुत कम होती है. 200 ग्राम सेव में केवल 50 कैलोरीज होती हैं. साथ ही इसमें पेक्टिन तत्व पाया जाता है, जो बेहतर डाइजेशन के साथ ही वेट लॉस के लिए भी बहुत जरूरी है. लेकिन पूरा फायदा उठाने के लिए सेब के छिलके के साथ खाना चाहिए.

ब्रोकली – यह लो कैलरी और हाई फाइबर फूड है. इसमें भरपूर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट होता है. अगर वजन कम करना है तो ब्रोकोली को अपने डाइट में जरूर शामिल करें.  

तरबूज – तरबूज में भी बहुत कम कैलरी होती हैं. साथ ही यह हमारी बॉडी को डिटॉक्स करने का काम करता है, जिससे हमारा इम्यून सिस्टम और मेटाबॉलिक रेट बेहतर होता है. नतीजतन वेट कम होना शुरू हो जाता है. इसमें लाइकोपीन पाए जाता है, जो दिल और ब्लड सरकुलेशन के लिए भी बेहतर होता है.  

आलू – अगर आलू को भूनकर या उबालकर खाया जाए, तो यह भी नेगेटिव कैलोरी फूड के लिस्ट में आ जाता है. एक आलू में केवल 58 कैलोरीज होती हैं. इससे खाने से पेट भी भरता है, और कैलरी भी कम मिलते हैं. आलू पोटेशियम, विटामिन B3 और सी का अच्छा स्रोत है, जो वजन कम करने में मदद करता है.  

खीरा – 200 ग्राम खीरा में कुल 36 कैलोरीज होती हैं. आप इसे सलाद के रूप में जितना मन चाहे उतना खा सकते हैं. इसमें ढेर सारे मिनरल्स, विटामिंस और इलेक्ट्रोलाइट्स होते हैं, जो शरीर को हाइड्रेट करने में मदद करते हैं.  

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मुँह की बदबू दूर करने के घरेलू इलाज़ – Mouth Smell Remove Tips

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mouth smell

आपको सायद यकीन न हो, लेकिन सवस्थ मुँह और सवस्थ शरीर में गहरा समंब्ध होता है. मुँह की कई बिमारियों से शरीर की अन्य बीमारियां जुडी है. इसी बात को ध्यान में रखते हुए हम आपको मुँह से जुडी कुछ प्रमुख समस्याओं के घरेलु उपाए बता रहेंहैं, ताकि आप इस तरह के रोगों से खुद का बचाव कर सकें।

मुँह से दुर्गंघ आना मुँह के सभी विकारों में मुख की दुर्गंघ सबसे बड़ा विकार हैं. जिनके मुँह से दुर्गंघ आती है, वे अपनों के बीच भी बेगाने बन जातें हैं. क्योंकि लोग उनसे दूर भागते हैं. मुख दुर्गंघ कोई जन्मजात रोग नहीं है, यह कई कारणों से होता है.  

कारण

मुँह से दुर्गंघ आने के कई कारण होतें हैं, जैसे अगर पाचन क्रिया सही न हो तो खाये हुए आहार का रस आँतड़ियों में सड़नेलगता है और उस सड़न से मुख से दुर्गंघ लगती है, कब्ज़ के कारण भी मुख से दुर्गंघ आने लगती है. अगर कच्चा या पका हुआ कफ छात्ती में संचित हो जाता है और बाहर नहीं निकलता, तो उस में सड़न पैदा हो जाती है जो मुख दुर्गंघ का कारण बनती है.

शरीर के अंदर किसी कारण से पेट, छात्ती या गले में फोड़ा या घाव हो, तो भी मुख से दुर्गंघ आती है. इसी कारण मुखपाक, दातों में सड़न, पायोरिया या कोई भी दांत का रोग हो जाने से भी मुख से दुर्गंघ आने लगती है.  

नुस्ख़े

1. मुख की दुर्गंघ और छाले दूर करने के लिए अनार की छाल पानी में उबाल कर उस पानी को थोड़ी देर मुख में रखकर गरारे करें।  

2. अनार के छिलकों को छाया में सूखा कर महीन पीस कर रख लें. इससे  3-3 ग्राम की मात्रा में ताज़े के साथ सुबह-शाम खाना चाहिये और इसी अनार के छिलके को पानी में उबाल कर उस पानी से गरारा करना चाहिये। इससे मुँह की दुर्गंघ दूर हो जाएगी।  

3. मुँह से आने वाली दुर्गंघ को सूखा धनिया चबा कर दूर किया जा सकता है. प्याज़ और लहसुन गंध भी धनिया चबाने से दूर होती हैं.  

4. रोज़ाना दिन में एक बार दो चमच्च सरसों के तेल में आधा चमच्च पिसा हुआ सफ़ेद नमक मिला कर इसे मुख में रख कर इधर-उधर घुमाते रहें और लार थूकतें रहें। आधे घंटे बाद सब थुख दें. थोड़ी देर बाद मुँह खुद-ब-खुद साफ़ सवस्थ हो जाता है.  

5. मुख दुर्गंघ को दूर करने के लिए दिन में दो बारपोटासियम परमिग्रेट का राई बराबर दाना एक गिलास पानी में डाल कर घोल लें और इस पानी से खूबकुल्लें व ग़रारे करें।  

6. एक गिलास गुनगुने पानी में एक चमच्च अदरक का रस और एक चमच्च निम्बू का रस मिला कर कुल्ले करने से मुँह की बदबू दूर हो जाती है.  

7. मुलहटी या छोटी इलाइची चबाने से मुँह की दुर्गंघ दूर होती है.  

8. भोजन के बाद सोंफ चबाने से मुँह की बदबू दूर होती है.  

9. जामुन के हरे पत्ते या तुलसी के हरे पत्ते मुँह में रख कर पैन की तरह चबाने से मुख रोगों में लाभ होता है होता है. इससे मुख दुर्गंघ भी दूर होती है.  

10. मुँह और दातों की सफाई का पूरा ध्यान रखें, ताकि मुँह से दुर्गंघ न आएं. सुबह नीम या बबूल की दातुन करना सर्वोत्तम है. दातुन से दांत सवस्थ, निरोग व मजबूत होते हैं. मुँह साफ रहें तो मुँह और सांस से दुर्गंघ नहीं आती.

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पुदीने के गुण जानकर आप हैरान हो जाएंगे – Mint Benefits in Hindi

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pudine ke phyede

पुदीने का उपयोग चटनी में मसाले के रूप में होता है. वात की तकलीफ में यह विशेष रूप से फायदेमंद है. इसमें विटामिन ए अधिक मात्रा में पाया जाता है. इसलिए यह तमाम रोगों से रक्षा करने वाली एक जड़ी बूटी के समान है.

पाचन शक्ति के लिए – ताजा पुदीना, छुहारा, काली मिर्च, सेंधा नमक, हींग, काली द्राक्ष और जीरा- इन सब की चटनी बनाकर उसमें नींबू का रस निचोड़ कर खाने से मुंह में रुचि उत्पन्न होती है. स्वाद बढ़ता है, पाचन शक्ति तेज होती है, वायु विकार और फीका पन दूर होता है.  

गैस – पुदीना, तुलसी, काली मिर्च, अदरक आदि का काढ़ा बनाकर पीने से गैस से राहत मिलती है.  

सर्दी – पुदीने का ताजा रस अथवा अर्कका सेवन करने से कफ, सर्दी एवं मस्तिष्क की सर्दी से राहत मिलती है.

टाइफाइड – पुदीना, राम तुलसी और काली तुलसी के रस में 6 ग्राम शक्कर डालकर दिन में 3 बार पीने से टाइफाइड बुखार से राहत मिलती है.  

न्यूमोनिया – पुदीने का ताजा रस शहद के साथ मिलाकर प्रति 2 घंटे के अंतराल पर देने से निमोनिया से होने वाले अनेक विकारों की रोकथाम होती है.

आंतों की खराबी – पुदीने का रस शहद के साथ सेवन करने से आंतों की खराबी और पेट के रोगों का इलाज होता है. आंतों के पुराने रोगियों के लिए पुदीने का ताजा रस अमृत तुल्य माना गया है.

बुखार – पुदीने और तुलसी का काढ़ा पीने से सामान्य बुखार दूर होता है.  

पेट दर्द – पुदीने के 5 मिलीलीटर रस में 5 मिलीलीटर अदरक का रस और डेड ग्राम सेंधा नमक मिलाकर पीने से पेट का दर्द दूर होता है.  

हैजा – पुदीने के रस का सेवन उल्टी, दस्त और हैजा में लाभप्रद है हैजे की तकलीफ में पुदीने का शरबत पीना लाभकारी होता है.  

दाद – पुदीने के पत्तों को पीसकर दाद पर बार-बार लगाने से लाभ होता है.  

तो देखा आपने पुदीने के बहुत सारे फायदे हैं. इसलिए आप अपने घर गमले में पुदीने के पौधे जरूर लगाएं और उनका नियमित रूप से सेवन करें.  

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