Tuesday, November 24, 2020

एक माँ के लिए अपने शिशु की देखभाल के कुछ टिप्स हिंदी में – Baby Care (Neonatal) for Mother in Hindi

स्नेह का बंधन मां और बच्चे का रिश्ता होता है आज इस पोस्ट के माध्यम से हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहें है जिससे आप मोटीवेट तो होंगी ही, साथ ही आप इन टिप्स को पढ़ कर अपने बेबी का अच्छे से ध्यान रख सकते हैं।

वैसे तो मां और बच्चे के बीच की भाषा दुनिया की इतनी जादुई भाषा होती है, जिसे समझने के लिए शब्दों की कोई जरूरत नहीं होती। फिर भी कुछ उपयोगी टिप्स इसी बारे में।

आपकी नजरों में सबसे खूबसूरत रिश्ता कौन सा है? अगर यह सवाल मैं आपसे पूछूं तो आप सब बिना सोचे एकदम जवाब देंगे- मां और बच्चे का रिश्ता. जी हां! जीवन का सबसे खूबसूरत व सबसे अनमोल रिश्ता यही है! बिना किसी स्वार्थ भावना के एक मां हर दिन सिर्फ अपने बच्चे का विकास, उसके स्वास्थ्य और उसके पोषण के लिए ही सोचती है। उससे उनका आपसी संबंध नियंत्र विकसित और मजबूत होता ।

हालांकि यह जरूरी नहीं कि मां और बच्चे के बीच हर सवाद आई लव यू से शुरू हो और आई लव यू पर खत्म हो। वैसे भी जब तक बच्चा बोलने लायक नहीं होता, तब तक वह संकेतिक हाव-भावं से ही, हर पल यह एहसास कराता है कि वह आपसे बहुत प्यार करता है। आइए जानते हैं, कैसे-

मां का दूध

शायद आपको थोड़ा अटपटा लगे लेकिन यह हकीकत है। मां के दूध की महक बच्चे को अपनी और आकर्षित करती है। तभी तो बच्चा भीड़ में भी अपनी मां की गोद को पहचान लेता है। जन्म लेने के बाद से जब तक बच्चा बोलना नहीं सीखता, मां बच्चे के इशारों के जरिए उसकी जरूरतों को पहचाना शुरु कर देती है। बच्चे की शुरुआती जरूरतों को पूरा करने की क्षमता, स्त्रेहपूण स्पर्श और वे सब क्रियाएं, जो इनकी एक-दूसरे के साथ जुड़ी हुई हैं, यह मां-बच्चे के बीच के बंधन को मजबूती प्रदान करती हैं।

फिर बचपन में कदम

कहते हैं शिशु के जन्म के साथ ही मां का भी नया जन्म होता है। जी हां, मां और बच्चे के बीच इस अनोखे प्यार भरे रिश्ते में, मां का सहज रूप से तरह-तरह के चेहरे बनाने पर बच्चे की मुस्कुराहट और अपने चंचल हावभाव के साथ अपनी भाषा में जवाब देना भी शामिल है। ये एक ऐसी पारस्परिक क्रिया है, जो मां और बच्चे के रिश्ते को बढ़ावा देने में मदद करती है और ये स्त्रेह का बंधन मजबूत होता है।

आपसी चुंबन

छोटे बच्चे अक्सर हल्के से चुंबन के साथ अपने प्यार का अहसास कराते हैं और मां के प्रति अपनी भावनाओं को व्यक्त करते हैं। जब वे बिना दांत वाले मुंह से आपकी त्वचा को चूमते हैं तो उनका प्यार भरा स्पर्श आपका दिल जीत लेता है। शारीरिक रूप से बच्चों का यह सरल अंदाज सबसे पहले अपनी मां के सामने ही प्यार को अभिव्यक्त करता है।

टकटकी लगाना

जी हां, टकटकी लगाता बच्चा किस को मोहक नहीं लगता? ये बच्चों का काफी प्यारा तरीका है। वह भी जानता है कि इस अंदाज से किसी को बुरा नहीं लगेगा। आपको टकटकी लगाकर देख कर वह आपका चेहरा पढ़ता है और आपको रिझाने का प्रयास करता है। जब वह आपको टकटकी लगाए देख रहा हो तो उससे दूर ना जाएं या अपने कामों में उलझे नहीं, बस मुस्कुराइए।

चोट की ओर इशारा

भले ही बच्चे को जरा-सी खरोंच भी ना लगी हो, लेकिन उसका आपके पास आकर चोट की तरफ इशारा करना और आप को चूमने के लिए कहना दर्शाता है, उसका प्यार और चाह कि उसकी मां का हर हाल में, हर स्थिति में उसकी देखभाल करें।

बच्चे का रोना

यह भी बच्चे के प्यार जताने का एक तरीका है कि वह आपको अपनी आंखों से ओझल नहीं होने देता। आप जरा सा भी इधर-उधर जाएं, वह रोकर आप को अपनी ओर खींच ही लेता है। बच्चा चाहता है कि मां की निगाहें लगातार उसी पर बनी रहें, इसलिए वह तब तक रोता रहेगा, जब तक आप दिखाई ना दें।

बांहें फैलाना

बच्चे की हर उम्र के पड़ाव पर अपना प्यार जताने का अलग तरीका होता है। जब बच्चा घुटनों के बल छोटे-छोटे डग भर के चलने लायक हो जाता है, तब वह कई बार जान कर गिरता है, जान कर उठता है, लेकिन आपको देखकर बांहें फैलाना नहीं छोड़ता है। यह मां के प्रति उसका प्यार और लाड़-प्यार दर्शाने का अपना तरीका है।

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