Home गैजेट्स और टेक्नोलॉजी टेक्नोलॉजी ई - सिगरेट क्या है इसके फ़ायदे और नुकसान - E Cigarette...

ई – सिगरेट क्या है इसके फ़ायदे और नुकसान – E Cigarette Kya Hai Hindi Mein Bataen

ई-सिगरेट है क्या ? (What is E Cigarette in Hindi)

- Advertisement -

ई-सिगरेट (Electronic Cigarette) एक डिवाइस है जो साधारण सिगरेट की तरह दिखता है. ई-सिगरेट का बाहरी भाग सिगरेट और सिगार के समान बनाया गया है. इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक बैटरी से चलने वाला डिवाइस है जो निकोटीन के घोल को धुएं में परिवर्तित कर देता है.

इस धुएं को परम्परागत सिगरेट की तरह फेफड़ों तक लाया जा सकता है. ध्यान रहे कि ई-सिगरेट में तंबाकू नहीं होती है लेकिन इसके पीने वालों को यह एहसास होता है कि वे असली सिगरेट पी रहे हैं.

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट का आविष्कार चीनी फार्मासिस्ट हॉन लिक ने किया था. उसने 2003 में डिवाइस को पेटेंट करवा लिए था और 2004 में इसे बाजार में पेश किया था.

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट में निकोटीन लिक्विड जलता नहीं इसलिए इससे धुआं नहीं बनता. वो गर्म होकर भाप बनता है. इसलिए इसे पीने वाला भाप खींचता है न कि धुआं.

ई सिगरेट, सामान्य सिगरेट जैसी ही दिखती है लेकिन उसमे थोड़ी लम्बी होती है, जो हिस्सा मुंह में दबाया जाता है उसमें एक कार्टरेज होती है जिसमें निकोटीन और प्रॉपेलिन ग्लाइकोल का तरल भरा रहता है ।

बीच का सफेद हिस्सा एटमाइजर होता है और सामने के सफेद हिस्से में बैटरी लगी होती है । जब व्यक्ति इससे कश लेता है तो सैंसर , हवा के बहाव को पहचान लेता है , फिर एटमाइज , निकोटीन और प्रॉपेलिन ग्लाइकोज की नन्ही – नन्हीं बूंदो को इस हवा में फेंकता है ।

इससे जो वाष्प का धुंआ तैयार होता है उसे व्यक्ति भीतर खींचता है और उसे लगता है कि वह सचमुच की सिगरेट पी रहा है ।

तंबाकू पीने से ई सिगरेट पीना बेहतर बताया जाता है क्योकि सामान्य सिगरेट में तंबाकू जलने से जो हानिकारक तत्व पैदा होता है वह ई सिगरेट में नहीं होता । लेकिन इससे निकोटीन शरीर में जाती है इसलिए नुकसान तो होता ही है ।

एक ई-सिगरेट में तीन मुख्य भाग होते हैं – (Parts of E-Cigarette)

#रिचार्जेबल लिथियम बैटरी

#निकोटीन कार्टेज़

#वाष्पीकरण चैम्बर (जिसमें एक छोटा सा हीटर होता है, जो बैटरी से एनर्जी पाकर जलता है और निकोटिन को भाप बनाता है. धुआं नहीं भाप)

इनमें और सामान्य सिगरेट्स में सबसे मुख्य अंतर ये होता है कि ई-सिगरेट्स में तंबाकू नहीं होता.

यानी लॉजिक ये है कि ई-सिगरेट्स से आपको निकोटिन से होने वाले तो सारे नुकसान होंगे लेकिन तंबाकू से होने वाले नुकसान नहीं होंगे.

एंडस और ई-सिगरेट को अक्सर धूम्रपान छोड़ने या तम्बाकू के स्वस्थ विकल्प के रूप में प्रचारित किया जाता रहा है.

बेशक इनमें सिगरेट में पाए जाने वाले ‘तार’ जैसे जहरीले बाई-प्रोडक्ट्स नहीं होते लेकिन इस बात के कोई ठोस सबूत नहीं हैं कि ई-सिगरेट धूम्रपान छुड़वाने में लाभदायक है.

तो केवल तर्क के आधार पर दोनों में से ई-सिगरेट्स कम हानिकारक लगती है. है न?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 18 सितंबर 2019 से देश में ई-सिगरेट के उत्पादन, बिक्री, निर्यात, आयात, विज्ञापन, भंडारण पर प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया है.

लेकिन क्या आप जानते हैं कि ई-सिगरेट क्या होती है और इस पर केंद्र सरकार ने प्रतिबंध क्यों लगाया है.

ये भी पढ़ें –

ई-सिगरेट का मतलब (Meaning of e-Cigarettes)

ई-सिगरेट (इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट) एक ऐसा डिवाइस है जो एक साधारण सिगरेट की तरह दिखता है. ई-सिगरेट का बाहरी भाग सिगरेट और सिगार के समान बनाया जाता है.

इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट एक बैटरी से चलने वाला उपकरण है जो निकोटीन के घोल को धुएं में परिवर्तित कर देता है जिसे फेफड़ों में प्रवेश कराया जा सकता है. ई-सिगरेट में तंबाकू नहीं होता है.

क्या ई-सिगरेट हानिकारक होती है? (Is e-Cigarette harmful?)

किंग्स कॉलेज लंदन में तंबाकू एडिक्शन का अध्ययन करने वाले प्रोफेसर एन. मैकनील का कहना है कि “जब लोग तम्बाकू सिगरेट पीते हैं, तो वे अपने अंदर धुएं के 7,000 घटक अपने अन्दर ले जाते हैं, जिनमें से 70 को कैंसर पैदा करने वाला माना जाता है.

ये तत्व ई-सिगरेट में कम मात्रा में होते हैं. इसलिए हम कह सकते हैं कि ई-सिगरेट तंबाकू सिगरेट की तुलना में कम हानिकारक है. लेकिन यह सच है कि ई-सिगरेट भी हानिकारक है

इस सिक्के का एक दूसरा पहलू यह है कि ई-सिगरेट; इनहेलर्स को असली सिगरेट की फीलिंग देता है लेकिन कुछ ब्रांड ई-सिगरेट में फॉर्मलाडेहाइड का इस्तेमाल करते हैं, जो बेहद खतरनाक और कैंसरकारी है.

ई-सिगरेट धूम्रपान; फेफड़ों की कोशिकाओं को नुकसान पहुंचा सकता है. ई-सिगरेट तम्बाकू सिगरेट के रूप में मसूड़ों और दांतों के लिए भी हानिकारक हैं.
कुछ अन्य शोधों के अनुसार, जो लोग ई-सिगरेट का उपयोग करते हैं, उनमें दिल का दौरा पड़ने का खतरा अधिक होता है और अवसाद की संभावना दोगुनी हो जाती है. यहां तक कि लंबे समय तक ई-सिगरेट के इस्तेमाल से भी रक्त के थक्के जमने की समस्या और कैंसर भी हो सकता है.

ई-सिगरेट नियम उल्लंघनकर्ताओं के लिए सजा (Punishment for e-Cigarette’s rule violators)

पहली बार ई-सिगरेट के लिए बनाये प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों पर एक लाख रुपये का जुर्माना और एक साल की सजा हो सकती है.

बार-बार अपराध करने वालों के लिए 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये का जुर्माना होगा.

इसलिए उपरोक्त विवरण से यह स्पष्ट है कि ई-सिगरेट स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक है. शायद यही कारण है कि केंद्र सरकार ने देश में पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है.

ई-सिगरेट पर बैन क्यूं लगाया गया? (Why was E-Cigarette Banned?)

इसलिए क्यूंकि डीसीए के द्वारा एक ख़ास तरह का निकोटीन ही स्मोकिंग के लिए स्वीकार्य है. डीसीए मने – ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक एक्ट, 1940.

और ई-सिगरेट्स में यूज़ होने वाला निकोटिन इस स्वीकार्य वाली कैटेगरी से बाहर है.

यानी ई-सिगरेट्स से जुड़े खतरे को देखते हुए इसे बैन किया गया है.

तो खतरे और फायदे (यदि कोई हों तो) के बारे में इस खबर में हम आगे बात करेंगे. उससे पहले ई-सिगरेट को जान लेते हैं.

Rakesh Varmahttps://www.varmajitips.com
Hello Friends, I'am Rakesh Varma.. Admin of Varmajitips.com, Mujhe Logo ko Health, Technology, Fitness, etc Topic pe Tips Dena accha lagta hai or is website par me logo ko hindi me jankari deta hu..

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisment -

टॉपिक चुने