एक बड़ा आदमी बनने के लिए यह सॉफ्ट स्किल्स आप में होनी बहुत जरूरी है. | Personality Development Tips

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हर एक व्यक्ति का मन चाहता है कि वह एक अच्छे मुकाम पर पहुंचे एक दिन बड़ा आदमी बने! लेकिन कुछ स्किल्स के अभाव में वह एक आमसी जिंदगी गुजारता हैं. वह लोग कभी भी इन स्किल्स पर ध्यान ही नहीं देते, जबकि यह स्किल्स इंसान के लिए इतनी अच्छी और महत्वपूर्ण होती हैं, इनके बिना आगे बढ़ना असंभव है.

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यह सॉफ्ट स्किल्स भीड़ में खड़े लाखों लोगों से उसको अलग बनाते हैं. उसमें एक लीडर की भावना पैदा करती हैं और उसको सबसे अलग इंसान का दर्जा देती हैं. तो कौनसी है यह सॉफ्ट स्किल्स आइए जानते हैं इस ब्लॉग के माध्यम से

पर्सनल ग्रुमिं किसी इंटरव्यू के लिए आप जिस तरह से अपने आप को तैयार करते हैं. उसका असर आपका इंटरव्यू लेने वालों पर बहुत अधिक पड़ता है. यही बताता है कि आप प्रोफेशनली अपने आप को किस तरह से प्रस्तुत करते हैं.
यहां तक कि अगर आपने अपने पेपर में तो अपने आप को बहुत शानदार तरीके से प्रजेंट किया है, लेकिन इंटरव्यू के दौरान यूं ही चले गए तो इससे यह संदेश चला जाता है कि आप अपनी और अपने काम की कदर नहीं करते. इसलिए पर्सनल ग्रुमिंग बहुत जरूरी है. अपनी बॉडी अपने कपड़ों का ख्याल जरूर रखें.
कम्युनिकेशंस असरदार तरीके से अपनी बात कहने का ढंग बताता है कि काम संबंधी स्थितियां भी आपके जेहन में बिल्कुल साफ है. शानदार कम्युनिकेशन स्किल्स रखने वाला व्यक्ति दूसरों के व्यवहार का स्टीक आकलन कर सकता है, बेकार के विवाद से बच सकता है, मतभेद की स्थितियों को दूर रख सकता है और नए बदलाव व स्थितियों को संभाल सकता है. इसलिए अपनी कम्युनिकेशन स्किल्स को हमेशा इंप्रूव करते रहें.
पॉजिटिव एटीट्यूड अपने काम के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण और सम्मान का भाव रखना किसी भी कर्मचारी की विश्वसनीयता को बढ़ा देता है. पॉजिटिव एटीट्यूड एक वह क्वालिटी है जो आपको किसी भी स्थिति से उभरने में आपकी मदद करेगी.
हमेशा पॉजिटिव एटीट्यूड रखें. नेगेटिव एटीट्यूड वाले हमेशा कामचोर और दूसरों को ब्लेम करने वाले होते हैं. आप बिल्कुल भी ऐसा ना करें.
जिम्मेदारी की भावना अपनी गलतियों से बचने की बजाय अगर आप आगे आकर किसी की जिम्मेदारियां संभालते हैं तो यह आपकी नॉलेज और सक्सेस के नए रास्ते खोल देती है. अपने परिवार, अपने टीमवर्क और अपने क्लाइंट्स के साथ जिम्मेदारी की भावना रखें.
टाइम मैनेजमेंट स्किल्स टाइम मैनेजमेंट स्किल्स एक ऐसी वह स्किल्स हैं जिससे आप अपने समय का सदुपयोग करना जानते हैं. अगर आप समय का सदुपयोग करना जानते हैं तो काम चाहे किसी टाइट डेडलाइन के साथ हो या कम समय में बहुत ज्यादा करना हो आपके लिए बाएं हाथ का खेल है.
लीडरशिप क्वालिटी इस क्वालिटी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह आपको सभी को साथ लेकर चलने और सभी के गुणों का लाभ उठाने के योग्य बना देती है. जो किसी भी सफलता को सुनिश्चित करती है.
आलोचनाओं का सामना करना अपने जीवन में आलोचनाओं से बचना ही नहीं,उन्हें सुनकर हम से सीख लेकर या उन्हें बर्दाश्त करके आपका आगे बढ़ जाना महत्वपूर्ण है.
आगे बढ़ना जब हम काम करते हैं, तो गलतियां होना या नाकामयाबी मिलना भी स्वाभाविक है. लेकिन आगे बढ़ जाने की खूबी की बदौलत हम अपनी पुरानी गलतियों या असफलता पर रुकें न रहकर उनसे सबक लेकर अपनी काबिलियत को बढ़ाकर आगे बढ़ते जाते हैं. एक सुखद, सफल भविष्य की ओर.
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We Transfer Use Kaise Karen | We Transfer se Files Kaise Bheje

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दोस्तों आज इस ब्लॉग में आपको बताएँगे की लार्ज फाइल्स को आप मेल से कैसे भेजें ? अक्सर क्या होता है की जब हमें किसी व्यक्ति को लार्ज फाइल्स भेजनी हो तो आप जीमेल पे जाओगे या कोई और इमेल आईडी से भेजना चाहोगे।
लेकिन दोस्तों जीमेल पे आप केवल मैक्सिमम 27MB तक की फाइल्स भेज सकते हो. लेकिन इस वेबसाइट की हेल्प से आप 1GB से लेकर 10GB तक फाइल्स भेज सकतें हो. इसके लिए हम आपको एक बेस्ट तरीका बता रहें हैं……… 

1. आपको सबसे पहले गूगल सर्च बार में टाइप करना है wetransfer इसके बाद  enter . 

2. इसके बाद सबसे ऊपर आने वाले लिंक www.wetransfer.com पर क्लिक करें। 

3. फिर इसमें से आप फ्री भी उसे कर सकतें हैं और परचेस भी कर सकतें हैं
तो आप Take me for Free पर क्लिक करें। 

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4. इसके बाद + पर क्लिक करके अपनी फाइल्स को Add करें.
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5. फाइल्स जोड़ने के बाद अगर आप मैसेज देना चाहते हो तो टाइप करें. फिर next पर क्लिक करें। 
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6. इसके बाद send an email सेलेक्ट करें. फिर next पर क्लिक करें। 
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7. इसके बाद Email to में आप जिसके पास फाइल्स भेज रहे हो उसका मेल आइडी और Your mail में आका मेल एड्रेस टाइप करें. फिर Transfer पर क्लिक करें। 

जी हाँ  तो आपकी फाइल्स सेंड हो जाएँगी, आपको थोड़ा इंतज़ार करना होगा जब तक फाइल्स अपलोड हो।  एक बात और अगर आप 1gb की फाइल भेज रहें हैं तो आपके पास 1gb को डाटा भी होना चाहिए। वरना आपकी फाइल्स सेंड नहीं होंगी।

इसके बाद जब आपकी फाइल्स डाउनलोड हो जाएगी तो आपके पास एक मेल आएगा की आपकी भेजी गयी फाइल्स डाउनलोड हो चुकी है

तो दोस्तों कैसा लगा ये आर्टिकल आपको कमेंट करके जरूर बताएं।  और इसे आप अपने दोस्तों के पास भी भेजना। ………

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सर्दी के मौसम में यूँ बचें संक्रमण से – How to Avoid Infection During Winter – Winter Swine Flu

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जानिए संक्रमण की समस्याएं और उनकी रोकथाम
सर्दियों के मौसम में हवा में व्याप्त वायरस और जीवाणुओं से होने वाले रोगों का जोखिम बढ़ सकता है. तापमान में गिरावट का प्रभाव भी व्यक्ति के शरीर पर पड़ता है.
ऐसी स्थिति में कुछ संक्रमण के होने के जोखिम बढ़ जाता है, लेकिन कुछ सजगता बरतकर इन संक्रमण से बचा जा सकता है. तो यह जानते हैं, उनकी समस्याएं और रोकथाम के उपाय
संक्रमण में ये समस्याएं बढ़ जाती हैं
सांस नली को प्रभावित करने वाले वायरस और न्यूमोकोकल और अन्य जीवाणुओं के संक्रमण के कारण सांस संबंधी बीमारियां बढ़ती हैं. सर्दियों के मौसम में जुकाम, गले में खराश, सीने में संक्रमण आदि का प्रकोप बढ़ता है.
नोरोवायरस से तेज दस्त (पेट का फ्लू) और उल्टी आदि समस्याएं पैदा हो सकती हैं. उल्टी होने से शरीर में पानी की कमी (डिहाइड्रेशन) की समस्या भी उत्पन्न हो जाती है. ठंडक के कारण त्वचा की शुष्कता (ड्राइनेस) से त्वचा का संक्रमण और त्वचा की बीमारियां बढ़ सकती हैं.
संक्रमण के रोकथाम के उपाय
1. सर्दियों के मौसम में आमतौर पर लोगों को भूख बहुत ज्यादा लगती है. इस कारण लोग जमकर खाते हैं और सर्दियों के कारण सुबह सैर करने या व्याव्याम करने में आलस करते हैं.नतीजतन लोगों का वजन बढ़ जाता है. इसलिए शारीरिक व्यायाम और धूप निकलने पर सुबह की सैर जरूर करनी चाहिए.
2. ऊनी कपड़े पहनकर स्वयं को गर्म रखने से सर्दी, फ़्लू या निमोनिया जैसी बीमारियों से बचा जा सकता है. अतः अपने शरीर को गर्म रखें.
3. तापमान बहुत कम होने पर अगर संभव हो तो दिल की बीमारियों से ग्रस्त लोगों और दमा पीड़ितों को घर के अंदर ही रहना चाहिए.
4. पर्याप्त मात्रा में पानी पीना और पौष्टिक खाद्य पदार्थ लेना आवश्यक है. खाद पदार्थ ऊर्जा का महत्वपूर्ण स्त्रोत होते हैं. जो शरीर को गर्म रखते हैं. अपने आहार में हरी सब्जियों, फल आदि को शामिल करें.
5. अस्वस्थता की स्थिति में शीघ्र ही डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
6. किसी भी खाद्य पदार्थ के खाने से पहले साबुन से या फिर हैंड सैनिटाइजर से हाथ साफ करें. जितनी साफ-सफाई अपने शरीर की रखेंगे आप उतना ही बीमारियों से दूर रहेंगे.
इन्फ्लूएंजा का टीका: यह वैक्सीन (टीका) मौसमी इनफ्लुएंजा और स्वाइन फ्लू (एच1 एन1) वायरस से सुरक्षा प्रदान कर सकती है. इसे प्रतिवर्ष लगवाना पड़ता है. इस बारे में एक बार डॉक्टर से सलाह अवश्य ले लें.
न्यूमोकोकल वैक्सीन: यह वैक्सीन बच्चों से लेकर वयस्कों को भी लगाई जा सकती है.
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ब्यूटीफुल और हेल्थी स्किन पाने के लिए इस्तेमाल करें – घर में बने फेस मास्क – How to make Homemade Face Mask in Hindi

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www.varmajitips.comदोस्तों, आज इस आर्टिकल के माध्यम से हम आपको कुछ ऐसे फेस मास्क के बारे में बताएंगे, जिन्हें आप घर पर आसानी से बना सकते हैं और इस्तेमाल कर सकते हैं. यह फेस मास्क बिल्कुल नेचुरल है, इन फेस मास्क को आप रोजाना इस्तेमाल करके एक हेल्थी और चमकदार स्किन पा सकते हैं. 

तो आइए जानते हैं, वह कौन कौन से फेस मास्क हैं…
1. 12 गेंदे के फूलों में दही चंदन का पाउडर मिलाएंऔर चेहरे पर 20 मिनट तक लगा कर रखें. इससे चेहरे को ठंडक मिलेगी, पिंपल्स और रैशेज दूर होंगे. यह एस्ट्रिजेंट की तरह काम करेगा और चेहरे को oil-free रखेगा. इससे स्किन पोर्स भी बंद होंगे. यह कॉन्बिनेशन स्किन के लिए असरदार है.
2. शहद और दही में कुछ बूंदें रेड वाइन की मिलाएं. इसे फेस पर लगाकर 20 मिनट तक के लिए छोड़ दें. सादे पानी से धो लें. यह स्किन को सॉफ्ट बनाएगा और उसे पूरी तरह मॉइस्चर भी करेगा, टैनिंग दूर होगी और त्वचा पर चमक लौट आएगी.
3. गुनगुने दूध में चोकर डालकर रखें. नहाने से पहले चेहरे, गर्दन और पीठ पर लगाएं, सूखने पर चेहरा धो लें.रेगुलर लगाने पर कॉम्प्लेक्शन अच्छा हो जाएगा.
4. ताजे और कच्चे एवोकैडो पल्प में एलोवेरा जेल मिलाकर पैक बनाएं.चेहरे पर लगाकर 20 मिनट के लिए छोड़ दें. एवोकैडो में भी इस तरह के विटामिन और मिनरल और एंटीऑक्सीडेंट होते हैं. इससे स्किन के एजिंग साइन भी दूर होने लगते हैं.
5. मुल्तानी मिट्टी में कई मिनरल्स होते हैं. इसका मास्क लगाने से स्किन के आयल ग्लैंड्स कंट्रोल होते हैं. चेहरा रुखा और मुरझाए नहीं दिखता. इसलिए आप मुल्तानी मिट्टी का इस्तेमाल करें.
6. ऑयली स्किन के लिए एक बड़ा चम्मच मूंग दाल को पानी में कुछ देर भिगो कर रखें और पेस्ट बनाएं. इस से मैश किया टमाटर मिलाएं. चेहरे पर लगाकर इसे हल्के हाथ से चेहरे की मसाज करें. 20 मिनट के बाद चेहरा धो लें. ऑइली स्किन की समस्या खत्म हो जाएगी.
7. खीरा और पका हुआ पपीता मैश करें. इसे दही में मिलाएं. दो छोटे चम्मच जौ का आटा भी मिलाएं नींबू का रस डालें और इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं. आधे घंटे बाद चेहरा और गर्दन धो लें.इससे टैनिंग दूर होती है और चेहरे में चमक बढ़ती है.
8. दो छोटे चम्मच चोकर, एक छोटा चम्मच बादाम का पाउडर,शहद, दही, अंडे का सफेद हिस्सा और रोज वाटर मिलाएं. इसे आप आंखों और होठों के आसपास का हिस्सा छोड़कर पूरे चेहरे पर लगा ले. आधे घंटे बाद आप इसे धो ले. इससे आपकी त्वचा बेहद खूबसूरत लगेगी.
9. ड्राई स्किन के लिए रेड वाइन, एलोवेरा, जेल और मिल्क पाउडर मिक्स करें. इसे 20 मिनट चेहरे पर लगाकर रखें. नॉर्मल स्किन के लिए फ्रूट फेस पैक लगाएं. जिससे कि स्किन ड्राई न रहे.
10. तरबूज़, पपीता, अनार में से किसी भी एक फल को ले कर पुष्कर रसया पल्प निकालें और उसमें अपनी स्किन टाइप के मुताबिक शहद या नींबू के रस की कुछ बूंदें मिलाएं. इस पैक को आप रोज इस्तेमाल कर सकती हैं. यह फेस पैक बिल्कुल नेचुरल है.
11. ऑयली स्किन के लिए मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल के साथ मिलाएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं सूखने के बाद धो लें. इससे आपकी त्वचा की सारी गंदगी बाहर निकल जाएगी.
12. अगर आपकी त्वचा एक्ने वाली हैं, तो आप मुल्तानी मिट्टी में चंदन का पेस्ट, रोज वाटर और नीम की सूखी पत्तियों का पेस्ट बनाएं और इसे अपने चेहरे पर लगाएं 20 मिनट के बाद चेहरा धो लें.इससे आपकी एक्ने की प्रॉब्लम दूर हो जाएगी.
13. अगर आपकी त्वचा पर एक्ने मार्क्स हैं, दाग धब्बे हैं, तो आप मुल्तानी मिट्टी में नींबू का रस् और गुलाब जल मिलाकर एक पेस्ट बना लें और इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाएं. 20 मिनट सूखने के बाद चेहरे को धो लें.इससे आपकी त्वचा के दाग धब्बे साफ हो जाएंगे.
ऊपर में दिए गए सब फेस मास्क आप घर पर बना सकते हैं आसानी से. यह बिल्कुल नेचुरल हैं. घर में बने फेस मासक रेगुलर इस्तेमाल किया जाए, तो कम खर्च में भी स्किन हमेशा हेल्दी और चमकदार रहेगी. 
अगर यह फेस मास्क आपको अच्छे लगे, तो इसे अपने दोस्तों अपने और साथियों के साथ शेयर करें. 
अगर आपको किसी विशेष ब्यूटी टिप्स का आर्टिकल चाहिए तो आप हमें कमेंट कर सकते हैं. हम जरूर उस टॉपिक पर चर्चा करेंगे…….
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ये 10 संकेत आपको किसी गंभीर बीमारी के बारे में तो नहीं बता रहें – Signs of Serious Illness in Hindi

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यदि आप हमेशा स्वस्थ बने रहना चाहते हैं, तो डाइट, एक्सरसाइज के साथ ही अपने शरीर में होने वाले बदलाव पर भी पैनी नजर रखिए. कई बार हम ऐसे शारीरिक लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो किसी बड़ी बीमारी के संकेत हो सकते हैं. आप अपनी सेहत के प्रति सतर्क रहें, इसलिए हम बता रहे हैं, कुछ ऐसे हेल्थ सिग्नल्स जो संकेत देते हैं कि सब ठीक नहीं है…
1.40 वर्ष से पहले सफेद बाल बालों की सफेदी बढ़ती उम्र का संकेत है. वैसे आजकल कुछ स्वास्थ्य समस्याओं के कारण बच्चों के भी बाल सफेद हो रहे हैं. यदि 40 वर्ष के बाद आपके बाल सफेद होने लगे तो कोई चिंता की बात नहीं है. लेकिन 30 की उम्र में ही यदि आधे बाल सफेद हो जाए तो यह डायबिटीज होने का संकेत भी हो सकता है. अतः अपना शुगर लेवल टेस्ट करवाएं.
2.आंखों का पीला होना आंखों का सफेद हिस्सा हमेशा सफेद रहना चाहिए. यदि यह भाग कभी पीला दिखे, तो यह पीलिया, लिवर, या गाल ब्लेडर (पित्ताशय) की समस्या का संकेत हो सकता है. यदि यह लाल दिखे तो हाइपरटेंशन या वायरल डिजीज हो सकता है.
3.फटेरूखे होंठ ठंड के मौसम में तापमान बदलने के कारण फटे होठों की समस्या आम होती है. लेकिन आपके होंठ ही यदि हमेशा फटते हैं और अंदर की तरफ फटकर खून निकलने लगे और दर्द हो, तो यह विटामिन बी और जिंक की कमी का संकेत है. कई बार फंगल इंफेक्शन के कारण भी ऐसा होता है.
4.गले में सूजन यदि आपको कभी महसूस हो कि आपकी गर्दन में सूजन है, तो इसे हल्के में ना लें. तुरंत डॉक्टर के पास जाएं. गर्दन के अगले हिस्से में सूजन थायराइड का संकेत हो सकता है.
5.आइब्रो कम होना उम्र बढ़ने पर आइब्रो का कम होना आम है. लेकिन अचानक आइब्रो कम होने लगे, तो इसका कारण थायराइड, हाइपोथायरायडिज्म या ओवरएक्टिव थायराइड हो सकता है.
6.हथेलियों का लाल होना यदि आपकी हथेली लाल है, तो यह डर्मटाइटीस,एक्जिमा, मेटलदवा, फ़ूड या ड्रिंक्स से एलर्जिक रिएक्शन का संकेत हो सकता है.
7.नाखून में बदलावआपके नाखून बेस्ट हेल्थ इंडिकेटर है, यदि शरीर में कभी किसी तरह की समस्या होती है तो नाखून में बदलाव साफ नजर आता है. अत: अपनी सेहत का ख्याल रखने के लिए नाखूनों पर नजर रखें.
8.पैरों का ठंडा पड़ना अचानक पैर ठंडे पड़ जाए, तो अलर्ट हो जाइए. यह संकेत है कि शरीर में ब्लड सरकुलेशन ठीक से नहीं हो रहा है. यदि पैर बार-बार ठंडे हो रहे हैं तो थायराइड चेक भी करवा ले
9.चेहरा लाल होना हार्मोनल चेंजेस, तापमान में बदलाव या फिर गरम खाने की वजह से भी कई बार चेहरे का रंग बदल जाता है. मगर गुलाबी गाल रोसैशिया नामक स्किन डिजीज का संकेत भी हो सकता है. यह क्रॉनिक स्किन डिजीज महिलाओं को ज्यादा होता है.
10.बार-बार खुजली होना त्वचा में खुजली का कारण एलर्जी या कोई स्किन डिसऑर्डर हो सकता है, लेकिन आपको यदि बार-बार और बहुत ज्यादा खुजली हो रही है, तो अलर्ट हो जाइए क्योंकि इसका कारण लीवर डिजीज हो सकती है.
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अगर ये लछण हैं तो फ़ौरन थायरॉइड टेस्ट करवायें – Symptoms of Thyroid – What is Thayroid & iske laxans

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हमारे गले में मौजूद थायरॉइड ग्लैंड्स थायरॉइड हारमोंस का निर्माण करते हैं. थायरॉइड हारमोंस केअधिक निर्माण (ओवरप्रोडक्शन) या कम निर्माण (अंडरप्रोडक्शन) की वजह से थायरॉइड की समस्या होती है. थायरॉइड हारमोंस हमारे शरीर के तापमान, मेटाबॉलिज्म और हार्टबीट को नियंत्रित करते हैं.
थायरॉइड के असंतुलन के कारण: निश्चित कारण का तो पता नहीं, लेकिन तनाव, पोषण की कमी, अनुवांशिकता, ऑटोइम्यून अटैक, प्रेगनेंसी, वातावरण में मौजूद टॉक्सिन्स, आदि इस की वजह हो सकती हैं.
लक्षण: चूंकि यह हार्मोन्स बड़े सत्र पर काम करते हैं, इसलिए पता लगाना थोड़ा मुश्किल होता है, लेकिन इन लक्षणों के आधार पर इसका पता लगाया जा सकता है-
थकान: अगर आप दिनभर थकान महसूस करते हैं और रात में अच्छी नींद लेने के बाद भी सुबह खुद को थका हुआ महसूस करते हैं, तो हो सकता है कि आपके थायरॉइड ग्लैंड्स हार्मोन का कम निर्माण कर रहे हो.
डिप्रेशन: यह भी हाइपोथाइरॉएडिज्म यानी हारमोंस के कम सत्र का संकेत हो सकता है, क्योंकि थायरॉइड हारमोंस का संबंध मस्तिष्क केसेरोटोनिन नामक तत्व (मोनोअमाईन न्यूरोट्रांसमीटर) से होता है.सेरोटोनिन एक बायोकेमिकल है,जो हमें अच्छा महसूस कराता है और खुश रखने में सहायता करता है. थायरॉइड के कम निर्माण सेसेरोटोनिन के स्तर पर भी प्रभावपड़ता है,जिससे हम डिप्रेशन मेंजा सकते है.
चिंता: बहुत अधिक चिंतित रहना या अजीब-सी घबराहट महसूस होना हाइपोथाइरॉएडिज्म (अधिक निर्माण) से संबंधित हो सकता है. थायरॉइड हारमोंस का स्तर जब बहुत अधिक बढ़ जाता है, तब आप रिलैक्स महसूस ना करके हाइपर रहते हैं, क्योंकि आपके मेटाबॉलिज्म को इसी तरह के सिग्नल्स मिलते हैं.
भूख, सवाद और वजन में परिवर्तन: हाइपोथायरायडिज्म से बहुत अधिक भूख लगने लगती है, लेकिन वजन बढ़ने की बजाय कम हो जाता है, जबकि हाइपोथाइरॉएडिज्म से स्वाद और गंध में बदलाव आता है और वजन बढ़ सकता है.
मस्तिक परप्रभाव: थायरॉइड से अधिक बढ़ जाने से एकाग्रता की कमी हो सकती है और  इसके कम होने से याददाश्त पर विपरीत प्रभाव पड़ता है यानी आप भूलने की समस्या से परेशान हो सकते हैं, साथ ही  मस्तिष्क में एक रुकावट असमंजस की स्थिति बनी रहती है. अक्सर थायरॉइड के इलाज के बाद मरीज काफी हैरान हो जाते हैं कि पहले की अपेक्षा उनका मस्तिक कितना तेज  हो गया है, क्योंकि उन्हें यह अंदाजा ही नहीं होता कि थायरॉइड की वजह से भी ऐसा हो सकता है.
सेक्स लाइफ: थायरॉइड हार्मोन के कम होने पर सेक्स में दिलचस्पी कम होने लगती है, लेकिन एक्सपर्ट्स का मानना है की इसका सीधा संबंध थायरॉइड से ने होकर इसकी वजह से हो रही थकान, बढ़ता वजन, उर्जा की कमी शरीर में दर्द आदि से हो सकता है.
स्पंदन महसूस होना: हार्ट पल्पिटेशन यानी धड़कनों को आप अपने गले सीने में  महसूस कर सकते हैं. दिल या तो जोर- जोर से धड़कता है या बिट्स मिस हो रही है तो यह थायरॉइड के कारण हो सकता है.
त्वचा मेंबदलाव: थायरॉइड के कम होने पर त्वचा ड्राइ व उसमें खुजली भी हो सकती है. हार्मोंस कीकमी सेमेटाबॉलिज्म धीमाहो सकताहै, जिससे त्वचा पर भी प्रभाव पड़ता है. पसीना काम आता है, जिसकी वजह से त्वचा का मॉइस्चर कम हो जाता है.
कब्ज: मेटाबॉलिज्म प्रभावित होने से कब्ज की शिकायत हो सकती है. जबकि थायरॉइड के बढ़ जाने से दस्त की शिकायत हो सकती है.

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क्या आपको स्पर्म बढ़ाना है, तो खाएं ये सुपर फ़ूड How to Increase Sperm Count by Foods – sperm badhaye in foods se

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www.varmajitips.comसही आहार स्पर्म काउंट और उसकी गतिशीलता पढ़ाने के साथ-साथ फर्टिलिटी का सत्र भी बढ़ाता है.
विटामिन ए युक्त आहार – विटामिन ए की कमी से शुक्राणु सुस्त हो जाते हैं. शुक्राणुओं की संख्या बढ़ाने के लिए हरी सब्जियों, जैसे पालक, ब्रोकोली, के अलावा शकरकंद और डेरी प्रोडक्ट का सेवन करें.

विटामिन सी युक्त आहार – विटामिन सी युक्त आहार का असर भी स्पर्म की गतिशीलता पर पड़ता है. शकरकंद,पीले फल और सब्जियों में पर्याप्त मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है.
डार्क चॉकलेट – डार्क चॉकलेट में अमीनो एसिड होता है. जो स्पर्म काउंट को बढ़ाता है. इसमें एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं, जो पुरुषों में इनफर्टिलिटी के लिए जिम्मेदार फ्री रेडिकल्स और टॉक्सिंस से लड़ने में मदद करते हैं.
लहसुन – लहसुन एक बूस्टर की तरह काम करता है. इसमें एलिसिन और सेलिनियम नामक दो तत्व पाए जाते हैं. एलिसिन सेक्सुअल आर्गन की तरफ रक्त संचार बढ़ाता है, तो वहीं सेलिनियम स्पर्म की गतिशीलता को बढ़ाता है. रोजाना लहसुन की एक या दो कलियां खाने से फायदा पहुंचेगा.
केला – सेक्स करने के कुछ देर पहले केले का सेवन कमजोरी और थकावट को दूर करता है. केला खाने से शरीर में ग्लूकोस लेवल बढ़ जाता है. जिससे एनर्जी मिलती है. केला में ब्रोमालिन नामक एंजाइम होता है, जो पुरुषों में नपुंसकता को दूर करता है. साथ ही इसमे मौजूद सेरोटोनिन मन को रिलैक्स करता है. केला में विटामिन ए औ बी2 अधिक मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को स्पर्म प्रोड्यूस करने के लिए बूस्ट करता है.
ओयस्टर – सीप का सेवन पुरुषों के लिए बेहद फायदेमंद है. कई बार पुरुषों के शरीर में जिंक की मात्रा कम हो जाती है, जिसकी वजह से उनमें नपुंसकता आ सकती है. सीप में जिंक भरपूर मात्रा में होता है, जो पुरुषों में इसकी कमी को पूरा करता है और टेस्टोस्टेरोन के लेवल को बढ़ाने के साथ स्पर्म को भी हेल्दी बनाता है. सीप पुरुषों में डोपामाइन भी बढ़ाता है. डोपामाइन एक फीलगुड हार्मोन है, जिसमें सेक्स की इच्छा तीव्र होती है.
ड्राईफ्रूट्स और नट्स – सेक्स स्टैमिना बढ़ाने में भी ड्राईफ्रूट्स कारगर है, इसमें मोनोसैचुरेटेड फैट्स होता है, जिससे शरीर सेक्स हार्मोन के लिए कोलेस्ट्रोल मनाता है. काजू और अखरोट स्पर्म्स को बढ़ाते हैं. बादाम में अमीनो एसिड होता है, जो इरेक्शन को बेहतर बनाने में मदद करता है.
एस्पेरेंगस – एस्पेरेंगस एक  तरह का साग है जिसे सेक्स पावर के लिए बेस्ट फूड माना जाता है. इसमें पोटेशियम, थाइमिन,विटामिन सी,, बी6 और फोलिक एसिड होता है. फोलिक एसिड हिस्टामाइन प्रोड्यस करने में मदद करता है.
एस्पेरेंगस के सेवन से पुरुष और महिला दोनों केही सेक्स हार्मोन उत्तेजित होते हैं. स्पर्म काउंट बढ़ाने में भी का एस्पेरेंगस सेवन फायदेमंद है.

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खुशनुमा और खुशमिजाज जिंदगी के लिए अपनाएं ये 10 बेहतरीन टिप्स – Top 10 Tips To Be Happy in Life – Self Care Tips

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ऐसा क्यों होता है कि ज्यादातर महिलाएं शादी के कुछ ही समय बाद अपनी देखभाल में ज्यादा दिलचस्पी लेना बंद कर देती हैं? 
इस बात पर भी ज्यादातर लोग सहमति जताते हैं कि शादी के बाद हार्मोनल चेंजेज की वजह से लुक्स और वेट में तो बदला होता ही है. लेकिन कुछ महिलाएं अपने लुक्स, हेयर, मेकअप, कपड़ों से लेकर इस बात तक का ध्यान देना बंद कर देती हैं, कि वे अलग कैसी रही हैं, खा पी क्या रही हैं, इस पर उनका ध्यान आईने के सामने खड़े होने पर तभी जाता है जब उन्हें किसी फंक्शन के लिए तैयार होना होता है. 
फिर अचानक से ही वे खूब सारे इरादे कर बैठती हैं कि अब तो बस वे डाइटिंग- एक्सरसाइज से पलक झपकते ही अपना कायाकल्प कर डालेंगी. लेकिन उनका यह ख़ुमार जितनी जल्दी चढ़ता है, उतनी ही जल्दी उत्तर भी जाता है. 
वह शादी और प्रेगनेंसी के बाद यह भूल जाती है कि वह पहले क्या थी. देखिए हालत तो बदलेंगे नहीं, जरूरत सिर्फ सोच और तौर-तरीके बदलने की है. अगर आप लंबे समय तक अपने आप को इग्नोर करतीं रहीं तो बीमारी या फ्रस्ट्रेशन से आप अपने परिवार को वह सुख पूरी तरह से कभी नहीं दे पाएंगी जो आप उन्हें देना चाहती हैं, इसलिए ध्यान रखिए इन बातों का…
1. अपने आप से वायदा कीजिए पूरी नींद लेने का, सही डाइट लेने का, नियमित व्यायाम करने का. अपने शरीर को भी शरीर ही समझिए, मशीन नहीं.
2. अपनी खुशी का भी ख्याल रखिए, क्योंकि अगर आप फ्रस्ट्रेशन में आने के बाद कुछ गलत कर बैठतीं हैं तो वह अब के अब तक के किए कराए पर पानी फिरने के लिए पर्याप्त है. अपने दिल से पूछिए कि वह क्या चाहता है यह अपने बच्चों या पालतू पशुओं के साथ खेलना हो सकता है, दोस्तों के साथ कहीं घूमने जाना हो सकता है, परिवार के साथ अपने पसंदीदा रेस्टोरेंट में खाना या फिर फिल्म देखना भी हो सकता है या फिर अपनी रुचियों को समय देना भी.
3. अगर आपका दिल खुश रहेगा तभी आप जिम्मेदारियां भी पूरी तरह से निभा पाएंगी. इसलिए जरूरी है कि हमेशा दिल की आवाज सुने. भीतर से उदास दिल दूसरों को भी झूठी खुशी ही दे सकता है बस.
4. कुछ समय अकेले भी बिताइए चाहे इसके लिए आप बाहर कुर्सी पर बिल्कुल अकेले बैठकर एक कप चाय ही पिए, पार्क में किसी किताब के कुछ पन्ने ही पड़े, अपनी पसंद का म्यूजिक भी सुने, या फिर आराम ही करें. पूरी दुनिया में किसी भी चीज को अपने इस एकांत में एंट्री न करने दें. याद रखिए एकांत और अकेलापन दो अलग बातें हैं. इसका जादुई असर तो आपको यह करने के बाद ही समझ आएगा.
5. दोस्तों के साथ जाने कितने ही मुस्कुराती यादों के पल जुड़े होते हैं. लेकिन शादी, परिवार और बच्चों के बाद ज्यादातर महिलाओं की सहेलियां खोसी जाती हैं. उन्हें तलाश कीजिए और चाहे उस बेस्ट फ्रेंड से कभी- कभार फोन पर बातें कीजिए या फिर कभी कुछ देर के लिए मिल लिया कीजिए.
6. उन तमाम बातों की लिस्ट बनाइए जो करना पहले आपको बहुत खुशी देता था या फिर जो चीजें आप सीखना- करना चाहती थी, इन्हें भी अपनी जिंदगी में गुंजाइश दीजिए.
7. आज हम टेक्नोलॉजी में इतनी बुरी तरह से फंस गए हैं, 
कि इसके बिना 
हमें लाइफ ही पॉसिबल नहीं लगती. इस गलतफहमी से बाहर आइए, टेक्नोलॉजी इंसान को सुविधा देने के लिए बनाई गई है, बंधुआ बनाने के लिए नहीं.
8. महीने 2 महीने में ही सही, लेकिन एक दिन पार्लर के लिए रिजर्व रखिए. फैसियल, वैक्सिंग, मेनीक्योर, पैडिक्योर वगैरह चाहे आप घर पर भी कर सकती हैं, लेकिन जब आप यह सब चीजें पार्लर में करवाती हैं तो इसके बहाने आपको थोड़ा सा आराम भी मिल जाता है. साथ ही आप यह भी जान पाती हैं कि ट्रेंडी क्या है. किस मौके के हिसाब से क्या ओढ़ना- पहनना ठीक रहेगा या फिर आप पर सही मायनों में क्या अच्छा लगता है. ऐसा बहुत सी महिलाओं के साथ होता है कि वह दूसरी औरतों के तौर तरीकों से इंप्रेस होकर खुद भी वैसा ही करने लगती हैं, चाहे वह चीज उन पर अच्छी लगे या ना लगे. बहुत जरूरी है अपना स्टाइल तय करना.
9. जब भी आईने में खुद को देखें तो खुश हो कर देखिए, मुस्कुरा कर देखिए. अगर कहीं कुछ कसर लग रही है तो देर किस बात की. दूर कीजिए उस कमी को और फिर डालिए खुद पर एक भरपूर नजर.
10. चाहे परिवार- बच्चे हो या दोस्त- रिश्तेदार, अपने आप को किसी को भी टेकन फॉर ग्रांटेड मत लेने दीजिए. सभी का सम्मान कीजिए और सभी से अपना सम्मान करवाइए. विश्वास कीजिए अपने लिए थोड़ा सा वक्त निकालने का मतलब स्वार्थी या आलसी होना नहीं होता.
तो ऊपर दी हुई 10 खुशनुमा जिंदगी के 10 टिप्स अपनाएं और खुलकर जीए अपनी जिंदगी को….
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