Tuesday, November 24, 2020

रिवर्स मॉर्गेज स्कीम हिंदी में – What is Reverse Mortgage Scheme in Hindi – Varmaji Tips

रिवर्स मॉर्टगेज स्कीम

एक नए विचार के तौर पर वित्त मंत्री पी चिंदबरम ने 2007 में रिवर्स मॉर्टगेज स्कीम को पेश किया। यह स्कीम विकसित देशों में लोकप्रिय है, जिसके तहत बुजुर्ग नागरिक अपने घरों के एवज में नकद प्राप्ति करते रहे हैं। एक सामान्य माँर्टगेज में कर्ज लेने वाला व्यक्ति एकमुफ्त रकम प्राप्त कर लेता है, जिसे वह तयशुदा नियमों के तहत चुकाता है। माँर्टगेज स्कीम की अवधि के दौरान जिस संपत्ति के एवज में रकम ली जाती है। वह कर्जदाता के पास गिरवी समझा जाता है। हालांकि रिवर्स मॉर्टगेज स्कीम के नियम-कायदे सामान्य मॉर्टगेज के उलट होते हैं।  

रिवर्स मॉर्टगेज स्कीम के तहत कर्ज लेने वाले व्यक्ति के आवासीय संपत्ति कर कर्जदाता के पास गिरवी रiखी जाती है। इसके एवज में एक तय अवधि तक कर्ज़दाता निश्चित अंतराल में रकम का भुगतान कर्ज लेने वाले व्यक्ति को करता है। कर्ज़दाता अधिसूचित बैंक होता है और कर्जदार का वरिष्ठ नागरिक (60 साल से अधिक की उम्र का) होना जरूरी है। कर्ज लेने वाला व्यक्ति और उसके जीवन साथी (पति या पत्नी) की मृत्यु के बाद ही कर्जदाता उसकी संपत्ति को बेचकर अपने कर्ज और उस पर मिलने वाले ब्याज की प्राप्ति कर सकता है। गिरवी संपत्ति को बेचने से पहले कर्जदाता बैंक कर्ज के भुगतान और संपत्ति पर दावा करने का एक मौका भी देता है। माँर्टगेज स्कीम के तहत आने के बाद भी घर पर मालिकाना हक कर्जदार व्यक्ति का ही बना रहता है और वह जिंदगी भर उसमें रह सकता है।   

इसके अलावा वह उस संपत्ति से होने वाली सामान्य आय का भी हकदार होता है और उसकी आमदनी बढ़ती है। जहां किराए से होने वाली आय में निश्चिता नहीं रहती और बैंक में किए गए निवेश से मिलने वाला रिटर्न घटता जाता है। ये दोनों विकल्प बहुत संतुष्टिदायक नहीं होते हैं। साथ ही किराए और ब्याज से होने वाली आय पर कर भी लगता है वित्त विधेयक 2008 मैं यह साफ किया गया है कि रिवर्स मॉर्टगेज स्कीम को संपत्ति का हस्तांतरण नहीं समझा जाएगा और इसलिए इस पर पूंजी प्राप्ति कर नहीं लगेगा। साथ ही बैंक द्वारा कर्जदार को दी जाने वाली रकम भी आयकर के दायरे से बाहर रहेगी। आयकर सिर्फ उसी वक्त लगेगा, जब गिरवी रखी गई संपत्ति को कर्जदाता अपने कर्ज वापसी के लिए बेचता है।   

नकदी की उपलब्धता सुरक्षा रिटर्न की निश्चितता और कम जोखिम के मद्देनजर रिवर्स मॉर्टगेज वरिष्ठ नागरिकों के लिए बेहतर विकल्प है। जो उन्हें बिना किसी पर निर्भर हुए पैसों की जरूरतों और आरामदायक जीवनशैली मुहैया कराती है। रिवर्स मॉर्टगेज स्कीम का एक खास फायदा यह है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपने घर पर मालिकाना हक ताउम्र बना रहता है। यह खास बात ही स्कीम को उन भारतीयों के बीच भी लोकप्रिय बनाती है जो एक अपना आशियाना होने को तवज्जो देते हैं।  

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